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Comparative Political Systems offers a comprehensive and analytical examination of the world’s diverse political structures. Designed for the rigorous demands of the modern political science curriculum, this text provides a systematic framework for comparing government institutions, political processes, and socioeconomic policies.
Typology: Summaries
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शैक्षɜणिक उत्कृष्टता और परीक्षा की तैयारी के ɛलए संकɛलत
यह अध्ययन गाइड ɘदिल्ली əविश्वəविद्यालय के बी.ए. प्र ोग्राम राजनीɚत əविज्ञान के मुख्य पाठ्यक्रम के आɚधिकाɗरक ɛसलेबस के अनुसार तैयार की गई है। परीक्षा की दृ ɚष्ट से इसे 6 महत्विपूणिर्ण इकाइयाें (Units) में əविभाɜजत əकया गया है:
यूəनट 1: तुलनात्मक राजनीɚतक əविश्लेषणि की प्र कृɚत, क्षेत्र और पद्धɚतयाँ यूəनट 2: राजनीɚतक व्य विस्थाआें का विगर्गीकरणि (संसदिीय बनाम अध्यक्षात्मक; एकात्मक बनाम संघात्मक) यूəनट 3: əनविार्णचन प्र णिाɛलयाँ (पहले खंभा छूने का əनयम - FPTP, आनुपाɚतक प्र ɚतəनɚधित्वि, ɚमɛश्रित प्र णिाɛलयाँ) यूəनट 4: दिलीय प्र णिाɛलयाँ (एक-दिलीय, ɘद्वि-दिलीय और बहु-दिलीय व्य विस्था) यूəनट 5: समाज में सत्ता की संरचनाएँ (अɛभजनविादिी, बहुलविादिी और माक्सर्णविादिी/शासक विगर्ण के ɛसद्धांत) यूəनट 6: शासनाें की तुलना (लोकतांɛत्रक, सत्ताविादिी, कल्याणिकारी, लोकलुभाविन और सुरक्षा शासन)
यूəनट 1: तुलनात्मक राजनीɚतक əवश्लेषण की प्र कृɚत, क्षेत्र और पद्धɚतयाँ
1.1 तुलनात्मक राजनीɚत का पɗरचय
तुलनात्मक राजनीɚत, राजनीɚत əविज्ञान की एक अत्यंत महत्विपूणिर्ण उप-शाखा है ɜजसके अंतगर्णत विैɜश्वक स् तर पर əविɛभन्न राजनीɚतक व्य विस्थाआें का व्य विɠस्थत और विैज्ञाəनक अध्ययन əकया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य अलग-अलग दिेशाें की राजनीɚतक संस्थाआें, व्य विहार, राजनीɚतकप्र əक्रयाआें और संस्कृɚतयाें के बीच की समानताआें और असमानताआें की व्य ाख्या करना है।
अंतर: तुलनात्मक सरकार ( Comparative Government ) बनाम तुलनात्मक राजनीɚत ( Comparative Politics ) पारंपɗरक अध्ययन मुख्य रू प से तुलनात्मक सरकार पर केंəद्रित था, ɜजसने अपने दिायरे को केविल औपचाɗरक और कानूनी संस्थाआें (जैसे संəविधिान, कायर्णपाɛलका, əविधिाɚयका और न् यायपाɛलका) तक सीɚमत रखा। इसके əविपरीत, आधिुəनक तुलनात्मक राजनीɚत में औपचाɗरक संस्थाआें के साथ-साथ अनौपचाɗरक तत्विाें जैसे əहत समूह, राजनीɚतक संस्कृɚत, गैर-राज्य अɛभनेता, जन आंदिोलन और राजनीɚतक ɥहंसा का भी विैɜश्वक पɗरप्रेक्ष्य में अध्ययन əकया जाता है।
1.2 प्र कृɚत और क्षेत्र
तुलनात्मक राजनीɚतक əविश्लेषणि की प्र कृɚत समय के साथ विणिर्णनात्मक और कानूनी से बदिलकर अनुभविात्मक (Empirical), əविश्लेषणिात्मक और विैज्ञाəनक हो गई है। इसके अध्ययन क्षेत्र में əनम्नɛलɝखत शाɚमल हैं:
औपचाɗरक राज्य संरचनाएं: əविɛभन्न दिेशाें की कायर्णपाɛलका, əविधिाɚयका, कानून व्य विस्था और क्षेत्र ीय प्र शासन का तुलनात्मक अध्ययन। राजनीɚतक इनपुट ( Inputs ): जनता का व्य विहार, मतदिान के प्र ɚतरूप, जनमत, राजनीɚतक सामाɜजकीकरणि और əहत प्र कटीकरणि (Interest Articulation)। गैर-राज्य गɚतशीलता: सामाɜजक-आɾथंक विगार्गों, जातीय समूहाें, सामाɜजक आंदिोलनाें और विैɜश्वक आɾथंक प्र णिाɛलयाें (जैसे पूंजीविादि और əनभर्णरता नेटविकर्ण) की भूɚमका।
1.3 तुलना क् यां करं? (तुलना के कायर्य)
ɜजयोविानी साटार्टोरी (Giovanni Sartori) और अरेंड ɛलजफाटर्ण (Arend Lijphart) जैसे राजनीɚतक विैज्ञाəनकाें के अनुसार, राजनीɚत मेंप्र योगात्मक əनयंत्रणि असंभवि होने के कारणि तुलना ही विैज्ञाəनक जांच का मुख्य आधिार है। इसके मुख्य कायर्ण əनम्नɛलɝखत हैं:
वणर्यनात्मक ज्ञ ान: əविश्व भर की əविɛभन्न राजनीɚतक व्य विस्थाआें की कायर्णप्रणिाली को गहराई से समझना। वगर्गीकरण: əविəविधि राजनीɚतक प्र णिाɛलयाें को साथर्णक श्रिे ɜणियाें में विगर्गीकृत करना (जैसे लोकतांɛत्रक बनाम सत्ताविादिी)। पɗरकल्पनाओं का परीक्षण: राजनीɚतक ɛसद्धांताें और दिाविाें की जांच करना (जैसे: "क्या FPTP प्रणिाली हमेशा ɘद्विदिलीय व्य विस्था को जन्म दिेती है?")। सामान्यीकरण और भəवष्यवाणी: राजनीɚतक प्र विृɛत्तयाें, ɠस्थरता और संस्थागत əविफलताआें के संबंधि में सामान्य əनयम स् थाəपत करना।
यूəनट 2: राजनीɚतक व्य वस्थाओं का वगर्गीकरण
2.1 संस्थागत ढांचा: संसदीय और अध्यक्षात्मक प्र णाɛलयाँ
कायर्णपाɛलका और əविधिाɚयका के बीच शɡक्तयाें के समन्विय और əवितरणि के आधिार पर प्र णिाɛलयाें का विगर्गीकरणि əकया जाता है।
इस प्र णिाली में कायर्णपाɛलका सीधिे əविधिाɚयका से əनकलती है और उसके प्र ɚत संविैधिाəनक रू प से उत्तरदिायी होती है।
दुहरी कायर्यपाɛलका: नाममात्र का प्र मुख (राजा/रानी या राष्ट्रपɚत) और विास्तəविक प्र मुख (प्रधिान मंत्री) अलग-अलग होते हैं। शɢक्तयां का संलयन ( Fusion of Powers ): कायर्णपाɛलका (मंɛत्रमंडल) अəनविायर्ण रू प से əविधिाɚयका का əहस्सा होती है। सामूəहक उत्तरदाɚयत्व: संपूणिर्ण मंɛत्रमंडल एक इकाई के रू प में कायर्ण करता है और संसदि के प्र ɚत जविाबदिेह होता है। लचीला कायर्यकाल: सरकार संसदि के əविश्वास पर əटकी होती है और अəविश्वास प्रस् तावि (No Confidence Vote) द्वि ारा हटाई जा सकती है।
यह प्र णिाली सरकार के अंगाें के बीच पूणिर्ण संरचनात्मक और कायार्णत्मक पृथक्करणि पर आधिाɗरत होती है।
एकल कायर्यपाɛलका: राष्ट्रपɚत ही राज्य का प्र मुख और सरकार का प्र मुख दिोनाें होता है। शɢक्तयां का पृथक्करण ( Separation of Powers ): कायर्णपाɛलका, əविधिाɚयका और न् यायपाɛलका स् वितंत्र संविैधिाəनक आधिाराें पर कायर्ण करती हैं। əनयंत्रण और संतुलन ( Checks and Balances ): प्रत्येक अंग के पास दू सरे अंगाें की शɡक्तयाें को əनयंɛत्रत करने के उपाय होते हैं (जैसे राष्ट्रपɚत का विीटो, कांग्रेस की महाɛभयोग शɡक्त और न् यायपाɛलका की न् याɚयक समीक्षा)। əनɝश्चित कायर्यकाल: राष्ट्रपɚत का कायर्णकाल əनɝश्चित होता है और उसे साधिारणि राजनीɚतक मतभेदिाें के कारणि नहीं हटाया जा सकता।
2.2 क्षेत्र ीय əवतरण: संघात्मक और एकात्मक व्य वस्था
इसमें शɡक्तयां संəविधिान द्वि ारा केंद्रि सरकार और क्षेत्र ीय इकाइयाें (राज्याें) के बीच əविभाɜजत होती हैं (जैसे अमेɗरका, कनाडा, भारत)। इसकी मुख्य əविशेषताएं ɛलɝखत वि सविार्टोच्च संəविधिान, दु हरी सरकार और स् वितंत्र न् यायपाɛलका हैं।
इसमें सभी संप्रभु शɡक्तयां केविल एक केंद्रिीय सरकार में əनəहत होती हैं (जैसे ɚब्रिटेन, चीन)। स् थानीय या क्षेत्र ीय सरकारें यɘदि होती भी हैं, तो विे अपनी शɡक्तयां केंद्रि से प्र ाप्त करती हैं और केंद्रि जब चाहे उन्हें बदिल या समाप्त कर सकता है।
यूəनट 3: əनवार्यचन प्र णाɛलयाँ
3.1 पɗरभाषा और महत्व
əनविार्णचन प्र णिाली विह कानूनी और संस्थागत ढांचा है ɜजसके माध्यम से नागɗरकाें द्वि ारा डाले गए विोटाें को əविधिाɚयका की सीटाें में बदिला जाता है।
3.2 əनवार्यचन प्र णाɛलयां का तुलनात्मक əवश्लेषण
əनवार्यचन प्र णाली मूल तंत्र ( Mechanism ) मुýय लाभ मुýय हाəनयाँ देशां के उदाहरण
'पहले खंभा छूने का əनयम' ( FPTP ) / बहुलता प्र णाली
दिेश को एकल-सदिस्यीय əनविार्णचनक्षेत्र ाें में बांटा जाता है। सबसे अɚधिक विोट पाने विाला उम्मीदिविार जीत जाता है, चाहे बहुमत हो या न हो।
əविसंगɚत।
ɥकंगडम, संयुक्त राज्य अमेɗरका
ओनुपाɚतक प्र ɚतəनɚधित्व ( Proportional Representation )
और प्र ɚतəनɚधिपरक।
ɚमɜश्रित प्र णाɛलयाँ ( MMP / Parallel )
यह स् थानीय प्र ɚतəनɚधित्वि (FPTP) और राष्ट्रीय आनुपाɚतक सूची (PR) दिोनाें के तत्विाें को ɚमलाती है।
əनष्पक्षता दिोनाें का संतुलन।
यूəनट 5: समाज मं सत्ता की संरचनाएँ
यह əविश्लेषणि इस प्रश् न पर केंəद्रित है əक वास्तव में समाज में राजनीɚतक शɡüत əकसके हाथ में होती है? इसके चार प्र मुख ɛसद्धांत हैं:
5.1 शास्त्रीय अɛभजनवादी ɛसद्धांत ( Classical Elitist Theory )
əविल्फ्रेडो परेटो (Vilfredo Pareto), गाएटानो मोस्का (Gaetano Mosca), और रॉबटर्ण ɚमशेल्स (Robert Michels) जैसे समाजशाɠस्त्रयाें का मानना है əक हर समाज—चाहे विह लोकतांɛत्रक हो या सत्ताविादिी—मूल रू प से दिो भागाें में बंटा होता है: एक छोटा शासक विगर्ण (अɛभजन/ Elite) और एक बड़ा शाɛसत विगर्ण (जनता)।
रॉबटर्य ɚमशेल्स का "अल्पतंत्र का लौह əनयम" ( Iron Law of Oligarchy ):** ɚमशेल्स के अनुसार, हर जəटल संगठन (यहाँ तक əक लोकतांɚत्रक दल भी) अंततः ओंतɗरक अल्पतंत्र मं बदल जाता है क् यांəक संगठनात्मक कुशलता के ɛलए əनणर्यय लेने की शɢक्त कुछ ही हाथां मं कंɘन्द्रित करनी पड़ती है।
5.2 द पॉवर एलीट ( C. Wright Mills - The Power Elite )
सी. राइट ɚमल्स ने अमेɗरकी लोकतंत्र का əवश्लेषण करते हु ए बताया əक वास्तəवक शɢक्त तीन प्र मुख क्षेत्र ां के शीषर्य नेतृत्व के हाथां मं कंɘन्द्रित है: उच्च सैन्य कमान, कॉLार्पोरेट/व्याLाɗरक कायर्यकारी, और राजनीɚतिक əनदेशक । ये तीनां समूह ओपस मं जुड़े होते हैं, एक जैसी पृष्ठभूɚम से ओते हैं और जनता की नजरां से दू र देश के बड़े फैसले लेते हैं।
5.3 बहुलवाद ( Pluralism )
अɛभजनवाद के əवपरीत, रॉबटर्य डिहल ( Robert Dahl ) जैसे बहुलवादी əवचारकां का मानना है əक शɢक्त əकसी एक समूह के पास कंɘन्द्रित नहीं होती। डिहल ने इसे "Lॉɛलियाकर्की" ( Polyarchy ) कहा है, जहाँ शɢक्त खंəडित और əवकंन्द्रिीकृत होती है। नीɚतयां əवɛभन्नप्र ɚतस्पधिर्गी समूहां (जैसे श्रि ɚमक संघ, व्य ापाɗरक संगठन, əकसान लॉबी, नागɗरक समाज) के बीच əनरंतर सौदेबाजी और समझौतां का पɗरणाम होती हैं।
5.4 शासक वगर्य का ɛसद्धांत ( Marxist Approach )
माक्सर्यवादी दृ ɚष्टिकोण राजनीɚतक शɢक्त को समाज के ओɾथंक ओधिार ( Base-Superstructure Model ) से जोड़ता है। ɜजस वगर्य का उत्पादन के साधिनां पर əनयंत्रण होता है (पूंजीपɚत/बुजुर्यओ), उसी का राजनीɚतक और राज्य व्य वस्था (अɚधिसंरचना) पर भी əनयंत्रण होता है। इस əवचार के अनुसार, राज्य कोई əनष्पक्ष संस्था नहीं है, बɠल्क यह ओɾथंक रू प से शɢक्तशाली शासक वगर्य के əहतां काप्र बंधिन करने वाली संस्था है।
यूəनट 6: शासनां की तुलना
6.1 ओधिुəनक शासनां का वगर्गीकरण
शासन ( Regime ) से तात्पयर्य उन əनयमां, मानदंडिां और संस्थागत ढाँचां से है ɜजसके तहत राजनीɚतक शɢक्त का प्र योग əकया जाता है।
यह लोकɚप्रय संप्रभुता, əनयɚमत स् वतंत्र और əनष्पक्ष चुनाव, सावर्यभौɚमक वयस्क मताɚधिकार, मौɛलक स् वतंत्रता, नागɗरक समाज औरस् वतंत्र न् यायपाɛलका द्वि ारा संरɜक्षत कानून के शासन ( Rule of Law ) पर ओधिाɗरत होता है।
इसमं राजनीɚतक शɢक्त əकसी एक नेता, सैन्य जुंटा या एक छोटे गुट के हाथां मं कंɘन्द्रित होती है। यहाँ राजनीɚतक बहुलवाद को दबाया जाता है, əवपक्ष को प्र ɚतबंɚधित əकया जाता है और नागɗरक स् वतंत्रताएं बेहद सीɚमत होती हैं।
गोस्टा एɠस्पंग-एंəड्रिसन ( Gøsta Esping - Andersen ) के अनुसार, ऐसे शासनां मं राज्य अपने नागɗरकां की सामाɜजक-ओɾथंक सुरक्षा और बुəनयादी कल्याण (जैसे स् वास्थ्य, ɛशक्षा, बेरोजगारी बीमा) की संवैधिाəनक ɜजम्मेदारी लेता है ताəक नागɗरकां को बाजार पर पूरी तरह əनभर्यर न रहना पड़े (जैसे स् कैंəडिनेəवयाई देश)।
यह एक ऐसी राजनीɚतक रणनीɚत या əवचारधिारा है जो समाज को दो भागां मं बांटती है: "शुद्ध जनता" बनाम "भ्रष्टि अɛभजन"। लोकलुभावन नेता अक्सर पारंपɗरक संस्थागत əनयंत्रण और संतुलन ( Checks and Balances ) को दरəकनार कर सीधिे जनता से जुड़ने का दावा करते हैं।
ऐसे शासन व्य ɢक्तगत अɚधिकारां और नागɗरक स् वतंत्रताओं की तुलना मं राज्य के अɡस्तत्व, ओंतɗरक ɡस्थरता, सीमाओं के सैन्यीकरण और सावर्यजəनक əनगरानी ( Surveillance ) को प्र ाथɚमकता देते हैं। इसमं राज्य का ढांचा खुəफया एजंɛसयां और पुɛलस बलां द्वि ारा संचाɛलत होता है।