Sample paper for class 10, High school final essays of Hindi

It is the most recent sample paper of Hindi course b for class 10

Typology: High school final essays

2023/2024

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cheena-sachdeva
cheena-sachdeva 🇮🇳

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ĤǓतदश [Ĥæनपğ (2023-24)

Ǒहंदȣ (ब) कोड संÉया 085

Ǔनधा[ ǐरत समय :3 घंटे पूणाɍ क :

सामाÛय Ǔनदȶश :-

 इस Ĥæनपğ मɅ दो खंड हɇ - खंड 'अ' और 'ब'।  खंड 'अ' मɅ उपĤæनɉ सǑहत 45 वèतुपरक Ĥæन पूछे गए हɇ। Ǒदए गए Ǔनदȶशɉ का पालन करते हुए कुल 40 Ĥæनɉ के उƣर दȣिजए।  खंड 'ब' मɅ वण [ना×मक Ĥæन पूछे गए हɇ, आंतǐरक ͪवकãप भी Ǒदए गए हɇ।  Ǔनदȶशɉ को बहुत सावधानी से पǑढ़ए और उनका पालन कȧिजए।  दोनɉ खंडɉ के कुल 18 Ĥæन हɇ । दोनɉ खंडɉ के Ĥæनɉ के उƣर देना अǓनवाय [है।  यथासंभव दोनɉ खंडɉ के Ĥæनɉ के उƣर Đमशः ͧलͨ खए।

खंड - अ (वèतुपरक Ĥæन)

Ĥæन 1 Ǔनàनͧ लͨ खत गɮयांश को Úयानपूव[ क पढ़कर इसके आधार पर सवा[ͬ धक उपयुÈत उƣर वाले ͪ वकãप चुनकर ͧलͨ खए- (1×5=5 )

आदमी कȧ पहचान उसकȧ भाषा से होती है और भाषा संèकार से बनती है। िजसके जैसे संèकार हɉगे, वैसी उसकȧ भाषा होगी। जब कोई आदमी भाषा बोलता है, तो साथ मɅ उसके संèकार भी बोलते हɇ। यहȣ कारण है ͩक भाषा ͧश¢क का दाǓय×व बहुत गुǽतर और चुनौतीपूण[ है। परंपरागत Ǿप मɅ ͧश¢क कȧ भूͧ मका इन तीन कौशलɉ -- बोलना, पढ़ना और ͧलखना तक सीͧ मत कर दȣ गई है। केवल यांǒğक कौशल ͩकसी जीती-जागती भाषा का उदाहरण नहȣं हो सकते हɇ। सोचना और महसूस करना दो ऐसे कारक हɇ , िजनमɅ भाषा सहȣ आकार पाती है। इनके ǒबना भाषा, भाषा नहȣं है, इनके ǒबना भाषा संèकार नहȣं बन सकती, इनके ǒबना भाषा युगɉ-युगɉ का लंबा सफ़र तय नहȣं कर सकती, इनके ǒबना कोई भाषा ͩकसी देश या समाज कȧ धड़कन नहȣं बन सकती। केवल संĤे षण हȣ भाषा नहȣं है। दद[ और मुèकान के ǒबना कोई भाषा जीवंत नहȣं हो सकती।

भाषा हमारे समाज के Ǔनमा[ण, ͪवकास, अिèमता, सामािजक व सांèकृǓतक पहचान का भी मह×वपूण[ साधन है। भाषा के ǒबना मनुçय पूण[ नहȣं है। भाषा मɅ हȣ हमारे भाव राÏय, संèकार, Ĥांतीयता झलकती है। इस झलक का संबंध åयिÈत कȧ मानवीय संवेदना और मानͧ सकता से भी होता है। िजस åयिÈत के जीवन का उɮदेæय और मानͧ सकता िजस èतर कȧ होगी, उसकȧ भाषा के शÞद और मुÉयाथ[ भी

उसी èतर के हɉगे। साǑह×यकार ऐसी भाषा को आधार बनाते हɇ , जो उनके पाठकɉ एवं Įोताओं कȧ संवेदना के साथ एकाकार करने मɅ समथ[ हɉ।

(1) आदमी कȧ पहचान उसकȧ भाषा से होती है, Èयɉͩ क- (A) मनुçय कȧ पूण[ ता भाषा ɮवारा हȣ संभव है। (B) åयिÈत के मनोभाव भाषा से हȣ åयÈत होते हɇ। (C) भाषा का Ĥचार और ͪवकास कोई रोक नहȣं सकता। (D) दद[ और मुèकान के ǒबना भाषा जीͪ वत नहȣं हो सकती।

(2) Ǔनàनͧ लͨ खत कथन (A) तथा कारण (R) को Úयानपूव[ क पǑढ़ए। उसके बाद Ǒदए गए ͪवकãपɉ मɅ से कोई एक सहȣ ͪवकãप चुनकर ͧलͨ खए। कथन (A) जब कोई आदमी बोलता है, तो साथ मɅ उसके संèकार भी बोलते हɇ। कारण (R) : भाषा ͧश¢क का दाǓय×व बहुत चुनौतीपूण[ होता है, Èयɉͩ क उसे कौशलɉ का ͪवकास करना होता है। (A) कथन (A) तथा कारण (R) दोनɉ गलत है। (B) कथन (A) गलत है. लेͩ कन कारण (R) सहȣ है। (C) कथन (A) सहȣ है, लेͩ कन कारण (R) उसकȧ गलत åयाÉया करता है। (D) कथन (A) तथा कारण (R) दोनɉ सहȣ हɇ तथा कारण (R) कथन (A) कȧ सहȣ åयाÉया करता है।

(3) गɮयांश मɅ साǑह×यकार ɮवारा ͩकए गए काय[ का उãलेख इनमɅ से कौन-से ͪवकãप से £ात होता है- (A) साǑह×य समाज का दप[ ण है। (B) साǑह×यकार साǑह×य सृजन मɅ åयèत रहता है। (C) साǑह×यकार सामािजक व सांèकृǓतक पहचान बनाता है। (D) साǑह×यकार जन सामाÛय कȧ अिèमता का पǐरचायक होता है।

(4) 'दद[ और मुसकान के ǒबना भाषा जीवंत नहȣं हो सकती।' लेखक ɮवारा ऐसा कथन दशा[ता है- (A) यथाथ[ कȧ समझ (B) सामािजक समरसता (C) साǑह×य-Ĥे म (D) भाषा कौशल

(5) भाषा तब सहȣ आकार पाती है, जब- (A) मनुçय Ǔनरंतर उसका अßयास करता रहता है।

(3) साǑह×य कȧ ¢णभंगुरता का कारण होगा- (A) सामािजक अव£ा (B) सामािजक समèया (C) सामािजक सɮभाव (D) सामािजक समरसता

(4) वाãमीͩ क, तुलसी, सूर के उदाहरण ɮवारा लेखक चाहता है – (A) भाव साàयता (B) Ĥ×य¢ Ĥमाण (C) सहानुभूǓत (D) ͧशçटाचार

(5) Ǔनàनͧ लͨ खत कथन (A) तथा कारण (R) को Úयानपूव[ क पǑढ़ए। उसके बाद Ǒदए गए ͪवकãपɉ मɅ से कोई एक सहȣ ͪवकãप चुनकर ͧलͨ खए। कथन (A) - कͪ व अपने काåय के उपकरणɉ का ĤǓतपादन अपने आदशɟ के अनुǾप करता है। कारण (R) कͪ व ǿदय अ×यͬ धक संवेदनशील होता है एवं सदैव देशǑहत चाहता है। (A) कथन (A) तथा कारण (R) दोनɉ गलत है। (B) कथन (A) गलत है लेͩ कन कारण (R) सहȣ है। (C) कथन (A) सहȣ है लेͩ कन कारण (R) उसकȧ गलत åयाÉया करता है। (D) कथन (A) तथा कारण (R) दोनɉ सहȣ हɇ तथा कारण (R) कथन (A) कȧ सहȣ åयाÉया करता है।

Ĥæन 3 Ǔनदȶशानुसार ‘पदबंध ' पर आधाǐरत पाँच बहुͪ वकãपीय Ĥæनɉ मɅ से ͩकÛहȣं चार Ĥæनɉ के उƣर दȣिजए- (1x4=4)

(1)‘सुलेमान केवल मानव जाǓत के हȣ राजा नहȣं थे, सारे छोटे-बड़े पशु- प¢ी के भी हा ͩकम थे।’ रेखांͩ कत पदबंध का भेद है - (A) सं£ा पदबंध (B) सव[ नाम पदबंध (C) ͩĐ या पदबंध (D) ͪवशेषण पदबंध (2) 'जीने मरने वाले मनुçय तो हो सकते हɇ पर सहȣ अथɟ मɅ नहȣं।' इस वाÈय मɅ ͪवशेषण पदबंध होगा - (A) मनुçय तो हो सकते हɇ (B) सहȣ अथɟ मɅ नहȣं (C) जीने-मरने वाले मनुçय (D) जीने-मरने वाले

(3) ͩĐ याͪ वशेषण पदबंध का उदाहरण छाँǑटए - (A) 'ĤैिÈटकल आइͫ डयाͧ लèटɉ' के जीवन से आदश[ धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हɇ। (B) ‘Ĥै िÈटकल आइ ͫडयाͧ लèटɉ' के जीवन से आदश[ धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हɇ। (C) ‘Ĥै िÈटकल आइͫ डयाͧ लèटɉ' के जीवन से आदश[ धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हɇ। (D) ‘Ĥै िÈटकल आइͫ डयाͧ लèटɉ' के जीवन से आदश[ धीरे-धीरे पीछे हटने लगते हɇ।

(4) ‘अकसर हम या तो गुज़रे हुए Ǒदनɉ कȧ खɪटȣ-मीठȤ यादɉ मɅ उलझे रहते हɇ या भͪ वçय के रंगीन सपने देखते रहते हɇ ।’ रेखांͩ कत पदबंध का भेद है - (A) सं£ा पदबंध (B) सव[ नाम पदबंध (C) ͪवशेषण पदबंध (D) Đ ͩ या पदबंध

(5) ' ͨखड़कȧ के बाहर अब असहाय दोनɉ कबूतर रात-भर खामोश और उदास बैठे रहते हɇ। ' रेखांͩ कत पदबंध का भेद है- (A) सं£ा पदबंध (B) ͩĐ या पदबंध (C) ͪवशेषण पदबंध (D) Đ ͩ याͪ वशेषण पदबंध

Ĥæन 4 Ǔनदȶशानुसार 'रचना के आधार पर वाÈय भेद' पर आधाǐरत पाँच बहुͪ वकãपीय Ĥæनɉ मɅ से ͩ कÛहȣं चार Ĥæनɉ के उƣर दȣिजए- (1x4=4)

(1) Ǔनàनͧ लͨ खत मɅ से उपयुÈत सरल वाÈय छाँǑटए - (A) जो कहोगे उसका पǐरणाम तो भुगतना हȣ पड़ेगा। (B) नूह ने जब उनकȧ बात सुनी तो दुखी हो मुɮदत तक रोते रहे। (C) दूसरे गाँव के युवक के साथ संबंध परंपरा के ͪवǽɮध था। (D) मɇ उनकȧ लताड़ सुनता और आँसू बहाने लगता।

(2) 'जब से कानून भंग का काम शुǾ हुआ है तब से आज तक इतनी बड़ी सभा ऐसे मैदान मɅ नहȣं कȧ गई थी ।'रचना के आधार पर वाÈय भेद है - (A) सरल वाÈय (B) संयुÈत वाÈय (C) ͧमͬĮ त वाÈय (D) सामाÛय वाÈय

(3) कॉलम 1 कॉलम 2 के साथ सुमेͧ लत कȧिजए और सहȣ ͪवकãप चुनकर ͧलͨ खए कॉलम 1 कॉलम 2 1 भाई^ साहब^ और^ मɇ^ कनकौआ^ लूटने^ के ͧ लए दौड़ रहे थे।

i संयुÈत^ वाÈय

2 Èयɉͩ^ क^ मुझे^ और^ भाईसाहब^ को कनकौआ लूटना था इसीͧ लए हम दौड़ रहे थे।

ii सरल^ वाÈय

3 मुझे^ कनकौआ^ लूटना^ था^ और^ भाई

साहब मेरे साथ दौड़ रहे थे।

iii ͧमĮ वाÈय

(A) यथा और शिÈत - ɮवंɮव समास (B) यथा कȧ शिÈत - त×पुǽष समास (C) शिÈत के अनुसार - अåययीभाव समास (D) यथाथ[ शिÈत का धनी अथा[ त åयिÈत ͪवशेष- बहुĭीǑह समास

(5) ' Ǔतरंगा' का समास ͪवĒह एवं भेद होगा - (A) तीन मɅ रंगा-त×पुǽष समास (B) तीन रंग-ɮͪ वगु समास (C) तीन रंगɉ के समान- कम[धारय (D) तीन रंगɉ वाला अथा [त भारत का राçĚ Úवज- बहुĭीǑह समास Ĥæन 6 Ǔनदȶशानुसार मुहावरे पर आधाǐरत छह बहुͪ वकãपीय Ĥæनɉ मɅ से ͩकÛहȣं चार Ĥæनɉ के उƣर दȣिजए- (1x4=4)

(1)मुहावरे और अथ[ के उͬ चत मेल वाले ͪवकãप का चयन कȧिजए- (A) तूती बोलना- मुसीबत मɅ फँसना (B) दूध कȧ मÈखी- अनुपयोगी (C) लोहा मानना- कǑठन काम करना (D) टूट पड़ना- काम शुǾ करना

(2)'गहरȣ नींद से जाग जाना /होश आना' के ͧलए उपयुÈत मुहावरा है- (A) सुध-बुध खोना (B) अलख जगाना (C) Ǒदमाग होना (D) तंġा भंग होना

(3) 'आड़े हाथɉ लेना' मुहावरे का अथ[ है - (A) घमंड करना (B) ͪवरोध करना (C) ͨखंचाई करना (D) बेराह चलना

(4) रेखांͩ कत अंश के ͧलए कौन-सा मुहावरा ĤयुÈत करना उͬ चत रहेगा? 'तू ͧमğ है या शğु? जहाँ भी जाता हूँ , वहȣं मेरे सामने बाधा उ×पÛन कर देता है।' (A) मज़ा चखवाना (B) दȣवार खड़ी करना (C) हावी होना (D) राह न सूझना

(5) सेठ दȣनदयाल अपने ¢ेğ के जाने-माने åयापारȣ हɇ।.................. के ɮवारा हȣ उनकȧ ͬगनती चुने हुए धनवानɉ मɅ होती है। ǐरÈत èथान कȧ पूǓत[ के ͧलए उपयुÈत ͪवकãप का चयन कȧिजए । (A) सातवɅ आसमान पर होने (B) नतमèतक होने

(C) हवा मɅ उड़ने (D) दो से चार बनाने के गͨ णत

(6) 'परेशानी देखकर घबरा जाना' अथ[ के ͧलए उपयुÈत मुहावरा है-

(A) हाथ-पाँव फूल जाना (B) Ĥाण ले लेना

(C) ͧसर ͩफरना (D) ठंडा पड़ना

Ĥæन 7 Ǔनàनͧ लͨ खत पɮयांश को पढ़कर पूछे गए Ĥæनɉ के उƣर के ͧलए सहȣ ͪवकãप का चयन कȧिजए- (1x5=5) साँस थमती गई, नÞज़ ज़मती गई, ͩ फर भी बढ़ते कदम को न ǽकने Ǒदया, कट गए सर हमारे तो कुछ ग़म नहȣं , सर Ǒहमालय का हमने न झुकने Ǒदया, मरते-मरते रहा बाँकपन साͬ थयो, अब तुàहारे हवाले वतन साͬ थयो। िज़ंदा रहने के मौसम बहुत हɇ मगर जान देने कȧ ǽत रोज़ आती नहȣं हुèन और इæक दोनɉ को ǽसवा करे वो जवानी जो खूँ मɅ नहाती नहȣं , आज धरती बनी है दुलहन साͬ थयो अब तुàहारे हवाले वतन साͬ थयो!

(1) 'सर Ǒहमालय का हमने न झुकने Ǒदया' का अथ[ है- (A) Ǒहमालय को सजाना (B) Ǒहमालय कȧ Ǒहफाज़त करना (C) भारत के गौरव को बनाए रखना (D) भारत का गुणगान करना

(2) कͪ व ɮवारा 'साͬ थयो' संबोधन का Ĥयोग......... के ͧलए ͩकया गया है। (A) कͪ वयɉ (B) शहȣदɉ (C) सैǓनकɉ (D) देशवाͧ सयɉ

(3) 'मरते-मरते रहा बाँकपन साͬ थयो' कͪ व ने ऐसा कहा है Èयɉͩ क-

Đोध मɅ उसने तलवार Ǔनकालȣ और कुछ ͪवचार करता रहा। Đोध लगातार अिÊन कȧ तरह बढ़ रहा था। लोग सहम उठे। एक सÛनाटा-सा ͨखंच गया। जब कोई राह न सूझी तो Đोध का शमन करने के ͧलए उसमɅ शिÈत भर उसे धरती मɅ घɉप Ǒदया और ताकत से उसे खींचने लगा। वह पसीने से नहा उठा। सब घबराए हुए थे। वह तलवार को अपनी तरफ़ खींचते-खींचते दूर तक पहुँच गया। वह हाँफ रहा था। अचानक जहाँ तक लकȧर ͨखंच गई थी. वहाँ एक दरार होने लगी। मानो धरती दो टुकड़ɉ मɅ बँटने लगी हो। एक गड़गड़ाहट-सी गूँजने लगी और लकȧर कȧ सीध मɅ धरती फटती हȣ जा रहȣ थी। ɮवीप के अंǓतम ͧसरे तक तताँरा धरती को मानो Đोध मɅ काटता जा रहा था। सभी भयाकुल हो उठे। लोगɉ ने ऐसे Ǻæय कȧ कãपना न कȧ थी, वे ͧसहर उठे। उधर वामीरो फटती हुई धरती के ͩकनारे चीखती हुई दौड़ रहȣ थी - तताँरा.... तताँरा....तताँरा उसकȧ कǽण चीख मानो गड़गड़ाहट मɅ डूब गई। तताँरा दुभा[Êयवश दूसरȣ तरफ़ था। ɮवीप के अंǓतम ͧसरे तक धरती को चाकता वह जैसे हȣ अंǓतम छोर पर पहुँचा, ɮवीप दो टुकड़ɉ मɅ ͪवभÈत हो चुका था। एक तरफ़ तताँरा था दूसरȣ तरफ़ वामीरो।

(1) लोगɉ का सहम जाना ͩकस बात का पǐरचायक है? (A) भय (B) कǽणा (C) Đोध (D) ĤसÛनता

(2) तताँरा को कोई राह न सूझने के कारणɉ पर ͪवचार कȧिजए और उͬ चत ͪवकãप का चयन कȧिजए। (i) आ×मसमप[ ण का भाव (ii) वामीरो से अ×यͬ धक Ĥे म (iii) तलवार कȧ दैवीय शिÈत (iv) गाँव वालɉ के ĤǓत रोष

(A) (i) और (iii) (B) (i), (iii), (iv) (C) केवल (iii) (D) (ii) और (iv)

(3) Ǔनàनͧ लͨ खत कथन- कारण को पढ़कर उͬ चत ͪवकãप का चयन कȧिजए। कथन (A)लोगɉ ने ऐसे Ǻæय कȧ कãपना न कȧ थी। कारण (R) Ēामवाͧ सयɉ ने यह कदाͪ प न सोचा था ͩक तताँरा कȧ ĤǓतͩĐ या इतनी ͪवनाशकारȣ ͧसɮध हो सकती है। (A) कथन (A) तथा कारण (R) दोनɉ गलत है। (B) कथन (A) गलत है लेͩ कन कारण (R) सहȣ है। (C) कथन (A) सहȣ है लेͩ कन कारण (R) उसकȧ गलत åयाÉया करता है। (D) कथन (A) तथा कारण (R) दोनɉ सहȣ हɇ तथा कारण (R) कथन (A) कȧ सहȣ åयाÉया करता है।

(A) अपमान के डर से (B) गाँव वालɉ के दबाव मɅ (C) पशु मेले कȧ भीड़ के कारण (D) भूͧ म के दो भागɉ मɅ कटने से

(5)गɮयांश के आधार पर Ǔनàनͧ लͨ खत मɅ से कौन-सा ͪवचार मेल खाता है - (A) जो मनुçय अपने Đोध को अपने वश मɅ कर लेता है, वह दूसरɉ के Đोध से èवयंमेव बच जाता है।

  • सुकरात (B) Đोध मɅ मनुçय अपने मन कȧ बात नहȣं कहता, वह केवल दूसरɉ का Ǒदल दुखाना चाहता है। - Ĥे मचंद (C) वह आदमी वाèतव मɅ बुɮͬ धमान है जो Đोध मɅ भी गलत बात मुँह से नहȣं Ǔनकालता। - शेखसादȣ (D) ईçया[ , लोभ, Đोध एवं कठोर वचन - इन चारɉ से सदा बचते रहना हȣ वèतुतः धम[ है। - Ǔतǽवãलुवर

Ĥæन 10 Ǔनàनͧ लͨ खत Ĥæनɉ के उƣर देने के ͧलए उͬ चत ͪवकãप का चयन कȧिजए - (1x2=2)

(1) िनɻिलİखत मŐ से कौन-से वाƐ 'डायरी का एक पɄा ' से मेल खाते हœ - (i) पुरानी सßयता के बारे मɅ óयादा ͩकèसे-कहाǓनयाँ सुनने को ͧमलते हɇ। (ii) एक संगǑठत समाज कृत संकãप हो तो वह कुछ भी कर सकता है। (iii) यह पाठ हमारे ĐांǓतकाǐरयɉ कȧ याद Ǒदलाता है और देशभिÈत का भाव भरता है। (iv)26 जनवरȣ 1930 को गुलाम भारत मɅ पहलȣ बार èवतंğता Ǒदवस मनाया गया था। (A) केवल (i) (B) (i) और (ii) (C) केवल (iv) (D) (ii),(iii),(iv)

(2) Êवाͧ लयर से मुंबई के बीच लेखक ने एक बदलाव महसूस ͩकया ͩक - (A) बèती ने जंगल का Ǿप ले ͧलया है। (B) जंगल ने बèती का Ǿप ले ͧलया है। (C) वसȾवा नाम का शहर बस गया है। (D) पशु-प¢ी जंगलɉ को छोड़कर चले गए हɇ।

खंड - ब (वण[ ना×मक Ĥæन) Ĥæन 11 Ǔनàनͧ लͨ खत Ĥæनɉ मɅ से ͩकÛहȣं दो Ĥæनɉ के उƣर लगभग 60 शÞदɉ मɅ दȣिजए – (3x2=6)

  • जी 20 Èया है? • गठन का कारण • काय[शैलȣ और भारत कȧ भूͧ मका (3) करत-करत अßयास के जड़मǓत होत सुजान
  • सूिÈत का आशय • जीवन मɅ अßयास का मह×व • सफलता का मूलमंğ

Ĥæन 15 (1) आप ͪवɮयालय के Ǒहंदȣ संघ के सͬ चव रजत चɪटोपाÚयाय और æवेता चɪटोपाÚयाय हɇ।अपने ͪवɮयालय के Ĥधानाचाय[ को पğ ͧलͨ खए िजसमɅ पुèतकालय मɅ Ǒहंदȣ कȧ अÍछȤ पुèतकɅ व पǒğकाएँ मँगवाने के ͧलए Ǔनवेदन ͩकया गया हो। ( शÞद-सीमा - लगभग 100 शÞद) (5x1=5) अथवा (2) आप शौय [शमा[ /शारवी शमा[ हɇ। नवभारत टाइàस के संपादक को पğ ͧलͨ खए िजसमɅ सड़क दुघटनाओं[ को रोकने के सुझाव हɉ। (शÞद-सीमा - लगभग 100 शÞद)

Ĥæन 16 Ǔनàनͧ लͨ खत मɅ से ͩकसी एक ͪवषय पर लगभग 60 शÞदɉ मɅ सूचना ͧलͨ खए – (4x1=4) (1) ͪवɮयालय ɮवारा ͬचͩ क×सा जाँच ͧशͪ वर का आयोजन ͩकया जा रहा है। èवाèØय संगठन के सͬ चव होने के नाते क¢ा छठȤ से बारहवीं तक के सभी ͪवɮयाͬ थ[ यɉ को काय[Đम के ͪववरण सǑहत इसकȧ सूचना Ĥदान कȧिजए। अथवा (2)संèकृǓत Èलब कȧ ओर से 'एक भारत Įे çठ भारत' कायĐ[ म को बढ़ावा देने के ͧलए सांèकृǓतक काय[Đम का आयोजन ͩकया जा रहा है। इसकȧ जानकारȣ देते हुए तथा सहभाͬ गता के ͧलए Ĥेǐरत करते हुए अÚय¢ कȧ ओर से सूचना ͧलͨ खए।

Ĥæन 17 Ǔनàनͧ लͨ खत मɅ से ͩकसी एक ͪवषय पर लगभग 40 शÞदɉ मɅ ͪव£ापन तैयार कȧिजए- (3x1=3) (1) योग को बढ़ावा देते हुए एक आकष[ क ͪव£ापन लगभग 40 शÞदɉ मɅ तैयार कȧिजए। अथवा (2) अंतरराçĚȣय पोषक अनाज वष [2023 के Ĥचार-Ĥसार के ͧलए एक आकष[ क ͪव£ापन लगभग 40 शÞदɉ मɅ तैयार कȧिजए।

Ĥæन 18 (1) 'पæचाताप' ͪवषय पर लघुकथा लगभग 100 शÞदɉ मɅ ͧलͨ खए। (5x1=5) अथवा

(2) आपके बɇ क खाते मɅ गलती से 5000 ǽपये कȧ राͧ श अͬ धक आ गई है। इसकȧ जानकारȣ बɇक अͬ धकारȣ को ईमेल ͧलखकर दȣिजए। (शÞद-सीमा लगभग 100शÞद)